कोरोना आपदा के दौरान आपात स्थिति में मेडिकल फील्ड में खुद को साबित करने की संभावनाएं तलाशने में आरसीएफ प्रबंधन पूरी तरह से खरा उतरा है। आरसीएफ के महाप्रबंधक रवींद्र गुप्ता ने अपनी टीम के साथ सात दिन में एक प्रोटोटाइप वेंटिलेटर ‘जीवन’ बनाकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह एक नियमित वेंटिलेटर की लागत की तुलना में बहुत कम खर्च का होगा। इसे अपनी सुविधा अनुसार सूटकेस में पैक करके कहीं भी ले जाया जा सकेगा। इसके विस्तृत निर्माण से पहले इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) में अंतिम परीक्षण के लिए इसे भेजा जा रहा है।
जीएम रवींद्र गुप्ता ने कहा कि यह एक आपातकालीन वेंटिलेटर है, जो कोविड 19 के संकट से उभरने के लिए बनाया गया है। इसे परीक्षण और सत्यापन के लिए आईसीएमआर के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। उम्मीद है कि कठिन दौर में यह जीवन रक्षक साबित होगा। इस यंत्र की लागत कंप्रेसर के बिना 10 हजार रुपये से भी कम होगी। इसका उत्पादन आसान है और इसे स्थानीय स्तर पर किसी अन्य स्रोत के साथ मिलकर बनाया जा सकता है। यह वेंटिलेटर बहुत सहजता से काम करता है और यह रिवर्स इंजीनियरिंग का नमूना नहीं है।